श्रीमती राबड़ी देवी बिहार की राजनीति में महिला सशक्तिकरण और सादगी का प्रतीक हैं। उन्होंने उस दौर में बिहार की बागडोर संभाली जब राज्य को एक मजबूत और स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता थी। वे बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं और तीन बार इस पद को सुशोभित किया।
एक पारंपरिक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली राबड़ी देवी जी ने भारतीय राजनीति में यह साबित किया कि ज़मीनी सच्चाई और आम लोगों की समझ किसी भी औपचारिक डिग्री से बढ़कर होती है। उनका स्वभाव बेहद सरल, सहज और ममतामयी माना जाता है।
राबड़ी देवी का मुख्यमंत्री बनना भारतीय राजनीति के इतिहास में एक मील का पत्थर है। उन्होंने साबित किया कि ग्रामीण महिलाएं भी राज्य का कुशल नेतृत्व कर सकती हैं। उनके कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा, पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और उनके उत्थान पर विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बिहार के शासन की ज़िम्मेदारी संभाली।
विपक्ष द्वारा बार-बार उनकी सादगी और पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए जाने के बावजूद, राबड़ी देवी ने अपनी प्रशासनिक क्षमता और दृढ़ संकल्प से आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। उनके कार्यकाल में राज्य में कई बुनियादी सुविधाओं पर काम हुआ और सामाजिक न्याय की नीतियों को धरातल पर उतारा गया।
राष्ट्रीय जनता दल परिवार में उन्हें एक मातृ-तुल्य मार्गदर्शक का दर्ज़ा प्राप्त है। पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच उनकी 'माई' (मां) वाली छवि उन्हें एक बेहद आदरणीय और सर्वमान्य नेता बनाती है।